online 'गर्ल्स भागलपुर' ने मचायी है खलबली

online 'गर्ल्स भागलपुर' ने मचायी है खलबली

By: roopshikha
February 09, 11:02
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BHAGALPUR : आये दिन बड़े शहरों में ऑनलाइन जिस्मफरोशी का धंधा आम बात हो गई है लेकिन अब भागलपुर में भी यह देखने को मिल रहा है। गूगल पर कई वेबसाइट्स ऐसे हैं जिनपर लड़कियों की तस्वीरें और मोबाइल नंबर्स देखने को मिल रहा है।

महानगरों की तर्ज पर बिहार के भागलपुर में जिस्मफरोशी का धंधा अब ऑनलाइन चल रहा है। अब लड़कियों के लिए ऑनलाइन बुकिंग की सुविधा भी शुरू हो गई है। इंटरनेट पर कॉल गर्ल्स के मोबाइल नंबर, तस्वीरें भी डाली गई हैं।

भागलपुर में इन दिनों 'गर्ल्स भागलपुर' और इसी तरह के एक दो वेबसाइट गूगल पर भी देखे जा रहे हैं जिसे लेकर गहमागहमी देखी जा रही है। इन साइट्स की काफी चर्चा हो रही है। इसको लेकर जहां पुलिस महकमे की नींद उड़ी हुई है। वहीं, दूसरी ओर कॉलेज प्रबंधन का चैन, बेचैनी में तब्दील हो चुका है।

चौंकाने वाली बात यह है कि इस वेबसाइट्स में भागलपुर के सबसे बड़े गर्ल्स कॉलेज का नाम भी साफतौर पर देखने को मिल रहा है। जिससे कॉलेज में पढ़ने वाली छात्राओं के अभिभावकों के माथे पर भी चिंता की लकीरें साफ तौर पर खिंच गई है।

वहीं, इस बाबत जब भागलपुर एसएसपी से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि अबतक पता नहीं था, अब इसके लिए साइबर सेल का गठन किया जाएगा। साथ ही उन्होंने कहा कि लोकेशन को भी ट्रेस किया जायेगा। आईपी एड्रेस से इस तरह की साइट चलाने वालों की जानकारी हासिल की जाएगी और आगे की कार्रवाई की जायेगी। पुलिस कप्तान ने डीएसपी लॉ एंड ऑर्डर राजेश कुमार सिंह प्रभाकर को इसका कमान सौंपा है।

पिछले दिनों इस साइट के चर्चा को लेकर ही पुलिस महकमा हरकत में आई थी और कई होटलों और गेस्ट हाउस में चेकिंग अभियान को लेकर दबिश भी बढ़ाई थी। जिसमें पुलिस को काफी सफलता मिली थी।

जानकारी के अनुसार व्हाट्सएप, यू ट्यूब, फेसबुक एवं कई सोशल सेवाओं के माध्यम से इन साइटों पर संपर्क साधा जा रहा है। लेकिन आप जैसे ही दिए गए नंबरों पर संपर्क साधेंगे तो आपको गुजराती भाषा में जवाब मिलेगा।

इस संबंध में पुलिस कप्तान का कहना है कि हो सकता है यह नेटवर्क गुजरात से संचालित हो रहा हो या फिर गुजरात के सिम का इस्तेमाल भागलपुर में कोई छुपे तौर पर कर रहा हो।

वहीं, जब इस बाबत कॉलेज की प्राचार्या अनुप्रभा राय से पूछा गया तो उन्होंने कहा 'हमारी नजरें छात्राओं पर है, साथ ही छात्रावास में रहने वाली छात्राओं को बाहर-भीतर करना और भी मुश्किल है।

ऐसे में अगर इस तरह के कुछ वेबसाइट्स हैं तो हम उसका पता करेंगे। इस संबंध में शीघ्र ही जांच कमिटी बनाई जाएगी, जो मामले को बारीकी से देखेगी।' देखना यह है कि अपने बोले हुए बात पर यह कितने खड़े उतरते हैं।
 

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